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तमरोह क्लस्टर में जापानी फल की दस्तकः एचपी शिवा परियोजना बनी सहारा

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए हिमाचल प्रदेश उपोष्ण कटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्यवर्धन (एचपी शिवा) परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य पारंपरिक खेती को आधुनिक एवं लाभकारी बागवानी से जोड़ते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। इसी सोच का परिणाम है मंडी जिले के उपमंडल बल्ह का तमरोह क्लस्टर आज जापानी फल उत्पादन के एक उभरते केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों के लिए समृद्धि और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

‘सुक्खू सरकार’ की महत्वाकांक्षी एचपी शिवा परियोजना प्रदेश के किसानों को पारंपरिक खेती से उच्च मूल्य वाली बागवानी की ओर अग्रसर कर रही है। जापानी फल (पर्सिमन) की व्यावसायिक खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।

हाल ही में बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने निर्माणाधीन तमरोह क्लस्टर का दौरा कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया था। यह क्लस्टर न केवल आधुनिक बागवानी का मॉडल बन रहा है, बल्कि सामाजिक समावेश और किसान सशक्तिकरण का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।

तमरोह क्लस्टर से अब तक कुल 76 बागवान जुड़ चुके हैं। इनमें 35 अनुसूचित जाति वर्ग, 36 सामान्य वर्ग तथा पांच महिला किसान-बागवान शामिल हैं। परियोजना के अंतर्गत लगभग 25 हेक्टेयर भूमि में जापानी फल की लोकप्रिय ‘फ्यू’ किस्म के करीब 15 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 12.500 हेक्टेयर भूमि पर 7,485 पौधे सफलतापूर्वक रोपित किए जा चुके हैं, जबकि शेष भूमि पर पौधारोपण कार्य शीतकालीन मौसम में किया जाएगा। पौधों के फल देना शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

परियोजना के तहत सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए दो लाख लीटर तथा तीन लाख लीटर की क्षमता के (दो) फेब्रिकेटेड स्टोरेज टैंक स्थापित किए गए हैं। इससे पौधों को वर्षभर आवश्यक सिंचाई उपलब्ध करवाई जा सकेगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस पूरे क्लस्टर में सोलर फेंसिंग भी की जा चुकी है।

तमरोह क्लस्टर की सफलता में तकनीकी मार्गदर्शन की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। गत मई, 2026 में एशियन विकास बैंक (एडीबी) की टीम के माध्यम से फिलीपींस और उत्तराखण्ड से डॉ. डेनिस लोपेज, डॉ. दिनेश गोंडे, डॉ.प्राची शर्मा, डॉ. ब्रांडो विशेषज्ञों की टीम ने क्लस्टर का दौरा किया। विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों, पौधों के वैज्ञानिक प्रबंधन, प्रूनिंग, सिंचाई और उत्पादन बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान किसानों को सफल बागवानी मॉडलों से भी अवगत करवाया गया।

परियोजना के अंतर्गत किसानों को पौधे, ड्रिप सिंचाई, फेंसिंग, तकनीकी प्रशिक्षण तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। विभागीय टीम नियमित रूप से क्लस्टर का दौरा कर पौधारोपण, सिंचाई प्रबंधन, पौधों की देखभाल, प्रूनिंग, पोषण प्रबंधन तथा रोग एवं कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम, किसान गोष्ठियां और विशेषज्ञों के भ्रमण भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि बागवान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर उत्पादन और अधिक आय अर्जित कर सकें।

उपनिदेशक बागवानी मंडी डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि एचपी शिवा परियोजना प्रदेश में बागवानी क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से जोड़ते हुए वैज्ञानिक ढंग से फल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

तमरोह क्लस्टर आने वाले वर्षों में केवल जापानी फल उत्पादन का केंद्र ही नहीं बनेगा, बल्कि यह प्रदेश में आधुनिक बागवानी आधारित ग्रामीण विकास का एक सफल मॉडल भी साबित हो सकता है। यदि यह प्रयास अपेक्षित परिणाम देता है तो बल्ह क्षेत्र तथा साथ लगते क्षेत्र की पहचान पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाले जापानी फल उत्पादन के लिए भी होगी।

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