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इस वर्ष के अंत तक सभी चिकित्सा महाविद्यालय का होगा उन्नयनः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार शाम यहां स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को इस वर्ष के अंत तक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया जाएगा ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने हजारों पदों पर भर्ती की है। उन्होंने कहा कि एम्स, नई दिल्ली की तर्ज पर सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवा रही हैं, जिससे मरीजों को बेहतर और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हो रही है।
श्री सुक्खू ने कहा कि डॉ. राजेन्द्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, टांडा, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर तथा अटल इन्स्टीच्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पैशियलिटी आयुर्विज्ञान चमियाणा (एआईएमएसएस) में स्थापित की जा रही अत्याधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए सरकार ने 75 करोड़ रुपये जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (आईजीएमसी), शिमला में पीईटी स्कैन मशीन स्थापित की गई है तथा टांडा और हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए पीईटी स्कैन मशीनों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न पैरामेडिकल श्रेणियों के 71 पदों तथा 50 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त पैरामेडिकल श्रेणियों के 162 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालयों मंे अध्ययनरत विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाया जाएगा तथा प्रत्येक बैच में 60 विद्यार्थियों की संख्या सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने आईजीएमसी, शिमला में तीन लेक्चर थिएटर और एक परीक्षा भवन के निर्माण के लिए 5.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके अतिरिक्त टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में लेक्चर थिएटर के निर्माण के लिए अतिरिक्त 14.13 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआईएमएसएस चमियाणा में 23.75 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल ब्लॉक तथा 42 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अधिकारियों को इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों को अत्याधुनिक आधारभूत अधोसंरचना और विश्वस्तरीय तकनीक से स्तरोन्नत किया जा रहा है।

श्री सुक्खू ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने और आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध होने के बाद प्रदेश के लोगों को उनके घर के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी।
बैठक में महाधिवक्ता अनुप रतन, प्रधान सचिव स्वास्थ्य एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के सचिव आशीष सिंहमार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक प्रदीप ठाकुर, विशेष सचिव डॉ. अश्वनी कुमार शर्मा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. गोपाल बेरी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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