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कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर सामाजिक अपराध : डॉ. दिनेश ठाकुर

मंडी, 8 जुलाई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मंडी डॉ. दिनेश ठाकुर ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कन्या भ्रूण हत्या एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जिसकी रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के उद्देश्यों और बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा तथा सशक्तिकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
वे बुधवार को मंडी में बाल विकास परियोजना, मंडी-सदर द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत विकास खंड सदर के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला की अध्यक्षता कर रहे थे। कार्यशाला में पंचायत प्रधान, उपप्रधान तथा पंचायत प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर पुलिस विभाग की ओर से थाना प्रभारी, पुलिस थाना मंडी ने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन से संबंधित कानूनी प्रावधानों, दंडात्मक कार्रवाई तथा नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में नशामुक्ति अभियान को जन-आंदोलन बनाने तथा ग्राम स्तर पर गठित युवा एवं महिला समितियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेंद्र सैनी ने महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पंचायत प्रतिनिधियों से इन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का आह्वान किया, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँच सके।
उन्होंने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों पर भी विस्तार से जानकारी दी और कहा कि बाल विवाह सामाजिक कुरीति होने के साथ-साथ कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से अपने क्षेत्रों में बाल विवाह की किसी भी संभावित घटना की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

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