
मंडी, 10 जून। उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में आज यहां जिला स्तरीय एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। इसमें शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पर कड़ाई से रोक लगाने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पर रोक के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस विषय पर गठित राघवन समिति तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों की शत-प्रतिशत अनुपालना सुनिश्चित करने के पहली जिम्मेवारी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों की है। उन्होंने कहा कि संस्थान में प्रवेश के दौरान नए छात्रों को रैगिंग पर रोक से संबंधित नियमों एवं इस बारे में शिकायत की प्रक्रिया से अवगत करवाने के लिए विशेष जागरूकता फैलाई जानी आवश्यक है। प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में एंटी रैगिंग समितियों का गठन सुनिश्चित किया जाए। इस समिति के अध्यक्ष का दूरभाष नंबर तथा रैगिंग से संबंधित शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर नए छात्रों को उपलब्ध करवाना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिला में स्थित सभी महाविद्यालयों, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी सहित अन्य तकनीकी व उच्च शैक्षणिक संस्थानों में इन नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
अपूर्व देवगन ने कहा कि सभी सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थान इन नियमों को पूरी गंभीरता से लागू करें, चूंकि कई बार रैगिंग के कारण बहुमूल्य जीवन खो देने के मामले भी सामने आए हैं। रैगिंग की शिकायत प्राप्त होने पर 24 घंटे की अवधि में नजदीकी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाने का प्रावधान है। रैगिंग में शामिल छात्रों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। इसके अतिरिक्त नए छात्रों को प्रवेश के समय किसी भी तरह की रैगिंग से संबंधित गतिविधियों में शामिल न होने संबंधी शपथ पत्र भी देना होता है। उन्होंने कहा कि सभी शैक्षणिक संस्थान रैगिंग रोकने के लिए समितियों के गठन से लेकर अभी तक उठाए गए कदमों से संबंधित रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उपायुक्त कार्यालय को उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग पर रोक के दृष्टिगत निगरानी तंत्र को भी मजबूत किया जाना चाहिए। इसके लिए सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए। शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान और शुरूआती सत्र में विशेष निगरानी रखी जाए और इसमें संबंधित पुलिस चौकी व थानों का भी सहयोग लिया जाए। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के छात्रावासों एवं पेइंग गेस्ट हाउस (पीजी) पर भी कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने आईआईटी मंडी, मेडिकल कॉलेज नेरचौक, सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के रजिस्ट्रार तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने अधीनस्थ शैक्षणिक संस्थानों को रैगिंग रोकने संबंधी दिशानिर्देश प्रेषित कर इनकी कड़ाई से अनुपालना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने समिति के गैर सरकारी सदस्यों से भी आग्रह किया कि रैगिंग की कोई भी सूचना उन्हें मिलती है तो वे इसकी जानकारी तुरंत साझा करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार सहित अन्य अधिकारी व सरकारी तथा गैर-सरकारी सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए।